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शिशॠको इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के साथ खिलाने पर विचार करना
यदि किसी कारण से, माता-पिता सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करवा सकते हैं या उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न कराने का फैसला किया है, तो वे उसके जीवन के पहले कà¥à¤› महीने ही इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला दे सकते हैं।
माता-पिता को यह बात समà¤à¤¨à¥€ चाहिठकि à¤à¤• बार शिशॠको इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फारà¥à¤®à¥‚ला खिलाने के बाद, मां के सà¥à¤¤à¤¨ से कम दूध उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगा। मां का सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने का इरादा à¤à¥€ कमजोर हो सकता है।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला महंगा होता है। माता-पिता को पहले वरà¥à¤· में इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फारà¥à¤®à¥‚ले पर काफी पैसे खरà¥à¤š करने पड़ सकते हैं (उदाहरण के लिà¤, 900 गà¥à¤°à¤¾à¤® इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फारà¥à¤®à¥‚ले की à¤à¤• कैन की कीमत $250 है और à¤à¤• शिशॠमहीने में 3 से 4 कैन तक खाता है। इसके लिठमाता-पिता का पहले साल का खरà¥à¤š $9,000 से $12,000 होगा)
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला दो रूपों में उपलबà¥à¤§ है: वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• रूप से जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ रेडी-टू-फीड लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला और पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला। पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ नहीं होता। फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से तैयार करना और अचà¥à¤›à¥€ तरह से जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ किठगठफिडिंग उपकरणों का उपयोग बचà¥à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के जोखिम से बचाने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
सà¥à¤¤à¤¨ का दूध बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ से बढ़कर है...
सà¥à¤¤à¤¨ का दूध शिशॠके बढ़ने और उसके विकास के लिठपोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का आदरà¥à¤¶ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें मां से à¤à¤‚टीबॉडी और जीवित पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाà¤à¤‚, à¤à¤‚जाइम और अनà¥à¤¯ मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ पदारà¥à¤¥ मिलते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं किया जा सकता है। ये ततà¥à¤µ बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को बढ़ाते हैं और छाती में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या दसà¥à¤¤ के कारण असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करते हैं। सà¥à¤¤à¤¨ का दूध पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पचाने और उनके अवशोषण में à¤à¥€ मदद करता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• है, समय बचाता है, पैसे की बचत करता है और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के अनà¥à¤•ूल है। यह मां और शिशॠके बीच संबंध को पà¥à¤°à¤—ाढ़ करता है और शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस कराता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से माताओं को à¤à¥€ लाठहोता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¤¾à¤°à¥€ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। यह कैलोरी को जलाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को सामानà¥à¤¯ आकार में लाने में मदद करता है, इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताà¤à¤‚ अधिक तेज़ी से आकार में वापस आती हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ माताओं को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और सà¥à¤¤à¤¨ के कैंसर से à¤à¥€ बचाता है।
विषय सूची
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला कà¥à¤¯à¤¾ है?
उचित इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला कैसे चà¥à¤¨à¥‡à¤‚?
बोतल से दूध पिलाने के लिठकौन सा उपकरण चाहि�
दूध पिलाने की बोतल और निपà¥à¤ªà¤² कैसे चà¥à¤¨à¥‡à¤‚?
दूध पिलाने के उपकरण को साफ, कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ कैसे करें और रखें?
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से कैसे तैयार करें?
तैयार इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को कैसे रखें?
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को दोबारा गरà¥à¤® कैसे करें?
मà¥à¤à¥‡ अपने शिशॠको कब खिलाना चाहिà¤?
शिशॠको कैसे खिलाà¤à¤‚?
शिशॠको डकार कैसे दिलाà¤à¤‚?
अगर पिलाने के बाद शिशॠके मà¥à¤‚ह से दूध गिरता है तो मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
शिशॠको à¤à¤• दिन में कितने दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है?
कà¥à¤¯à¤¾ मेरे शिशॠको रà¥à¤ªà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ खाना मिल रहा है?
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला कà¥à¤¯à¤¾ है?
अधिकांश इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फारà¥à¤®à¥‚ले गाय के दूध से बने होते हैं जिनको शिशà¥à¤“ं के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ बनाने के लिठउपचारित किया जाता है। बकरी के दूध या सोया पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से बने इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥€ होते हैं।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला की पोषण संबंधी रचनाओं को कोडेकà¥à¤¸ à¤à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤°à¤¿à¤¸ कमीशन के मानकों को पूरा करना चाहिà¤, और जीवन के पहले महीनों के दौरान से लेकर उपयà¥à¤•à¥à¤¤ पूरक आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के समय तक शिशà¥à¤“ं की पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को अपने आप में पूरा करना चाहिà¤à¥¤1
उचित इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला कैसे चà¥à¤¨à¥‡à¤‚?
गाय के दूध पर आधारित इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° "सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 1 इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला" कहा जाता है, जनà¥à¤® से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं के लिठसही होते हैं।
सोया आधारित इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला का उपयोग तब किया जा सकता है जब बचà¥à¤šà¥‡ को गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो या जब वह सांसà¥à¤•ृतिक या धारà¥à¤®à¤¿à¤• कारणों से गाय के दूध से बने फारà¥à¤®à¥‚ले नहीं ले सकता हो।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला की पोषक संरचना समान होती है। आप बाजार की आपूरà¥à¤¤à¤¿ या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त पसंद के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपना निरà¥à¤£à¤¯ ले सकते हैं। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो, तो आप सलाह के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या नरà¥à¤¸ से पूछ सकते हैं। सामानà¥à¤¯ तौर पर, बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड बदलने से शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर कोई असर नहीं पड़ता है।
समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ और कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले शिशà¥à¤“ं में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। यदि संà¤à¤µ हो तो, जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ रेडी-टू-फीड लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला चà¥à¤¨à¤¾ जाना चाहिà¤à¥¤2
जब तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सलाह नहीं दी जाती है, 6 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को केवल इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला दिया जाना चाहिà¤à¥¤
6 महीने के बाद, वे इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला लेना जारी रख सकते हैं। 12 महीने की उमà¥à¤° के बाद, वे पूरà¥à¤£ वसा वाला गाय का दूध पीना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं।
1हांग कांग में बेचे जाने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला की पोषण संबंधी संरचना विधायी विनियमन के तहत है। इस पर ऊरà¥à¤œà¤¾ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की सामगà¥à¤°à¥€ को दिखाने वाला पोषण लेबल लगा होना चाहिà¤à¥¤ विवरण के लिठखादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ केंदà¥à¤° के वेब पेज पर जाà¤à¤‚।
2खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ केंदà¥à¤°, खादà¥à¤¯ और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ विà¤à¤¾à¤—। खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ फोकस (28वां अंक, नवंबर 2008)।
पà¥à¤°. कà¥à¤¯à¤¾ कोई इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला है जिससे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का जोखिम कम होता है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशà¥à¤“ं को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने से बचाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है।
किसी à¤à¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ ने सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने से बचाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं दिखाया है। यदि परिवार का कोई सदसà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से पीड़ित है, तो अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना सबसे बेहतर है। यदि आप अपने शिशॠको इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला खिलाने पर विचार करती हैं, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
पà¥à¤°. गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले शिशà¥à¤“ं के लिठइनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
यदि आपको चिंता है कि आपके शिशॠको गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें। वे शिशॠजिनको गाय के दूध के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का पता चलता है, उनके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² फॉरà¥à¤®à¥‚ला 3, लिख सकते हैं, जैसे कि अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हाइडà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला और à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला। उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को पसंद करते समय डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले शिशà¥à¤“ं के लिठसोया आधारित फारà¥à¤®à¥‚ले या बकरी के दूध के फारà¥à¤®à¥‚ले उपयà¥à¤•à¥à¤¤ नहीं हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन शिशà¥à¤“ं को सोया या बकरी के दूध से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
3"सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² फॉरà¥à¤®à¥‚ला" का मतलब है शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविशेष चिकितà¥à¤¸à¤¾ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का फॉरà¥à¤®à¥‚ला।
पà¥à¤°. मेरा शिशॠसखà¥à¤¤ मल करता है। कà¥à¤¯à¤¾ इसका कारण इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला है?
सामानà¥à¤¯ तौर पर कहें तो, शिशà¥à¤“ं में छह महीने की उमà¥à¤° में कबà¥à¤œ होना सामानà¥à¤¯ नहीं है। हालांकि, कबà¥à¤œ असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से तब हो सकती है जब वे सà¥à¤¤à¤¨ के दूध को छोड़कर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं या फॉरà¥à¤®à¥‚ला का नया बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। इसके अलावा, यदि इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला सही तरीके से तैयार नहीं किया जाता है और कम पानी डाला जाता है, तो शिशà¥à¤“ं को कबà¥à¤œ हो सकती है। फारà¥à¤®à¥‚ले के पैकेज पर दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को देखें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने में पानी और पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला का सही मातà¥à¤°à¤¾ में उपयोग किया जाता है। हमेशा पानी को पहले फीडिंग बोतल में डालें और फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला पाउडर डालें। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो, तो आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच में थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पानी दे सकते हैं।
पà¥à¤°. मैं अपने शिशॠको इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के किसी अनà¥à¤¯ बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड पर बदलने में कैसे मदद करूं?
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला बà¥à¤°à¤¾à¤‚डों को कैसे बदला जाà¤, इसके बारे में कोई विशिषà¥à¤Ÿ नियम नहीं है। यदि आपका शिशॠनठसà¥à¤µà¤¾à¤¦ को काफी आसानी से सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर लेता है, तो माता-पिता तà¥à¤°à¤‚त नठबà¥à¤°à¤¾à¤‚ड को देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं। वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• रूप से, आप धीरे-धीरे नठबà¥à¤°à¤¾à¤‚ड की à¤à¥‹à¤œà¤¨ की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ा सकते हैं।
मिलà¥à¤• पाउडर और पानी का अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बà¥à¤°à¤¾à¤‚डों के साथ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होता है। à¤à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करते समय आपको दो या दो से अधिक बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड के मिलà¥à¤• पाउडर को नहीं मिलाना चाहिà¤à¥¤
फॉरà¥à¤®à¥‚ला बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड को बदलने पर, आप अपने शिशॠके मल में बदलाव देख सकते हैं। यह आमतौर पर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बà¥à¤°à¤¾à¤‚डों के बीच सामगà¥à¤°à¥€ की संरचना में सूकà¥à¤·à¥à¤® अंतर के कारण होता है और इससे शिशॠका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं होता है।
<फॉलो-ऑन फॉरà¥à¤®à¥‚ला> 6 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठसही नहीं है
फॉलो-ऑन फॉरà¥à¤®à¥‚ला (जो "सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 2" या "सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 3 फॉरà¥à¤®à¥‚ला†है) में बहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से नवजात शिशà¥à¤“ं के कम विकसित गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करना पड़ सकता है और इससे शà¥à¤·à¥à¤•ता, दसà¥à¤¤ हो सकते हैं या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚च सकती है।
à¤à¤• वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को दूध से इन पà¥à¤°à¤•ारों से बचाना चाहिà¤:
बकरी का दूध
सोया दूध
वाषà¥à¤ªà¥€à¤•ृत दूध
संघनित दूध (कंडेसà¥à¤¡ मिलà¥à¤•)
पूरà¥à¤£ वसा वाला दूध या कम वसा वाला दूध
बोतल से दूध पिलाने के लिठकौन सा उपकरण चाहि�
जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बनाने के उपकरण (जैसे कि à¤à¤• बड़ा बरà¥à¤¤à¤¨, बिजली या माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ सà¥à¤Ÿà¥€à¤® सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤°)
उचित आकार और सामगà¥à¤°à¥€ की दूध पिलाने की बोतलें और निपà¥à¤ªà¤²
बोतल का बà¥à¤°à¤¶ और निपà¥à¤ªà¤² का बà¥à¤°à¤¶
दूध पिलाने की बोतलों और निपà¥à¤ªà¤² को जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के बाद पकड़ने के लिठचिमटा
दूध पिलाने की बोतल और निपà¥à¤ªà¤² कैसे चà¥à¤¨à¥‡à¤‚?
दूध पिलाने की बोतलें चà¥à¤¨à¤¨à¤¾
कांच की बोतलों या बिसà¥à¤«à¥€à¤¨à¥‰à¤² ठ(बीपीà¤) मà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की बोतलों का उपयोग करें।
बोतलों पर सजावट और चिहà¥à¤¨à¥‹à¤‚ के रंग आसानी से उतरने नहीं चाहिठऔर हानिरहित होने चाहिà¤à¥¤
बोतलें साफ होनी चाहिठऔर उसके साइड में निशान आसानी से पढ़ी जा सकने वाली होनी चाहिà¤à¥¤ बोतलों का आंतरिक à¤à¤¾à¤— आसानी से दिखाई देना चाहिà¤à¥¤
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ करना आसान होना चाहिà¤à¥¤
बोतल का आकार उचित होना चाहिà¤à¥¤
निपà¥à¤ªà¤² चà¥à¤¨à¤¨à¤¾
शिशॠकी आयॠके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° निपà¥à¤ªà¤² का आकार उचित होना चाहिà¤à¥¤
निपà¥à¤ªà¤² के आकार और सामगà¥à¤°à¥€ से आम तौर पर दूध पिलाने में अंतर नहीं आता है। लैटेकà¥à¤¸ के निपà¥à¤ªà¤² नरम और लचीले होते हैं। सिलिकॉन के निपà¥à¤ªà¤² अधिक टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक आकार में बने रह सकते हैं।
निपपà¥à¤² का छेद उचित आकार का होना चाहिठजिससे कि बोतल के à¤à¥à¤•ते ही दूध लगà¤à¤— à¤à¤• बूंद पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सेकंड की दर से टपके। यदि छेद बहà¥à¤¤ छोटा होगा, तो शिशॠचूसने से थक सकता है। यदि यह बहà¥à¤¤ बड़ा है, तो बचà¥à¤šà¥‡ का गला घà¥à¤Ÿ सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फॉरà¥à¤®à¥‚ला बहà¥à¤¤ तेजी से निकलेगा।
उन बोतलों और निपà¥à¤ªà¤² का उपयोग करें जो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मानकों (जैसे यूरोपीय मानक EN 14350) का अनà¥à¤ªà¤¾à¤²à¤¨ करते हैं। जांचें कि बोतलें बिसà¥à¤«à¥€à¤¨à¥‰à¤² ठ(बीपीà¤) मà¥à¤•à¥à¤¤ हैं या नहीं।
जब निशान धà¥à¤‚धले हों जाà¤à¤‚ तो बोतलों को बदल दें।
टूटी-फूटी या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बोतलों और निपà¥à¤ªà¤² को फेंक दें।
दूध पिलाने के उपकरण को साफ, कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ कैसे करें और रखें?
सà¥à¤¤à¤¨ के दूध या इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के लिठदूध पिलाने के सà¤à¥€ उपकरणों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोया जाना चाहिठऔर कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बनाया जाना चाहिà¤à¥¤ इनमें दूध पिलाने वाली बोतलें, निपà¥à¤ªà¤², बोतल के कवर, रिंग और अनà¥à¤¯ सामान जैसे चिमटे और चाकू शामिल हैं।
दूध पिलाने के उपकरण कैसे साफ करें
दूध पिलाने के उपकरण साफ करने से पहले, अपने हाथों को साबà¥à¤¨ और पानी से धोà¤à¤‚। काम करने की जगह को साबà¥à¤¨ मिले गरà¥à¤® पानी से साफ करें।
बोतल के साफ बà¥à¤°à¤¶ का उपयोग करके दूध पिलाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद साबà¥à¤¨ के गरà¥à¤® पानी में बोतलें, निपà¥à¤ªà¤² और चिमटे धो दें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि अंदर दूध बचा न रहे। फिर बहते पानी में उपकरणों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दरारों में आसानी से पनपते हैं। बोतल और निपà¥à¤ªà¤² को धोते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से देखें। कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ चीजों को फेंक दें।
दूध पिलाने के उपकरणों को कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना
आप दूध पिलाने के उपकरणों को कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठनिमà¥à¤¨ तरीकों में से कोई à¤à¥€ चà¥à¤¨ सकते हैं:
उबाल कर कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उपकरण उबाला जा सकता है।
साफ किठगठउपकरणों को à¤à¤• बड़े बरà¥à¤¤à¤¨ में डालें। सà¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को पानी से à¤à¤° दें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि हवा का कोई बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¤¾ अंदर न रहे।
बरà¥à¤¤à¤¨ पर ढकà¥à¤•न लगाà¤à¤‚। दूध पिलाने के उपकरणों को 10 मिनट के लिठउबालें। फिर आंच को बंद करें और पानी को ठंडा होने के लिठछोड़ दें।
बरà¥à¤¤à¤¨ को तब तक ढक कर रखें जब तक कि उपकरणों की आवशà¥à¤¯à¤•ता न हो।*
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• या माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° का उपयोग करके à¤à¤¾à¤ª से कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना
निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का सावधानीपूरà¥à¤µà¤• पालन करें।
यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतलों और निपà¥à¤ªà¤² के मà¥à¤‚ह सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° में नीचे की तरफ हों।
दूध पिलाने के उपकरण तà¤à¥€ निकालें जब आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करने जा रहे हों।
यदि सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° खोला गया है, तो सामगà¥à¤°à¥€ को फिर से कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना पड़ेगा।*
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के रासायनिक घोल का उपयोग करना
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने और कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के घोल को बदलने के लिठनिरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें। अधिकांश उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के लिà¤, घोल को हर 24 घंटे में बदल दें।
दूध पिलाने के उपकरणों को कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के घोल में डालें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतलों और निपल के अंदर हवा के बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ फंसे नहीं हैं। सà¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के घोल में रखने के लिठउपकरणों के ऊपर तैरता कवर रखें।
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के घोल में सà¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को कम से कम 30 मिनट के लिठछोड़ दें।
*यदि उपकरणों को जरूरत से पहले ही सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° से निकाल दिया जाता है, तो कृपया 'दूध पिलाने के कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ किठगठउपकरणों को रखना' को देखें
दूध पिलाने के कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ किठगठउपकरणों को रखना
फिर से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने को रोकने के लिà¤, आवशà¥à¤¯à¤•ता होने पर ही दूध पिलाने के उपकरणों को निकालना सबसे बेहतर है।
सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° से उपकरण निकालने से पहले, अपने हाथों को साबà¥à¤¨ और पानी से अचà¥à¤›à¥€ तरह से धो लें और फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ तौलिठके साथ सूखाà¤à¤‚। (कृपया “हाथ की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ --- संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने का आसान और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीका†को देखें।)
यदि कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ की गई दूध पिलाने की बोतलों और अनà¥à¤¯ उपकरणों को सीधे ही उपयोग नहीं किया जाता है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ चिमटे से निकाल दें और निपà¥à¤ªà¤² और ढकà¥à¤•न को वापस बोतलों पर लगा दें। सारी चीजों को साफ और ढकà¥à¤•न वाले बरà¥à¤¤à¤¨ में रखें।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से कैसे तैयार करें?
इन चरणों का पालन करें:
पानी उबालें
नल का ताजा पानी या आसà¥à¤¤ जल उबालें। यदि आप इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• केतली का उपयोग करते हैं, तो केतली की बिजली की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बंद होने तक पानी को उबाला जाना चाहिà¤à¥¤
à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करने की जगह को साफ करें और अपने हाथों को धो लें
उस जगह को साफ और कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करें जहां पर आप इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने जा रहे हैं। अपने हाथों को साबà¥à¤¨ और पानी से धोà¤à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• साफ तौलिठया टिशू पेपर से सà¥à¤–ाà¤à¤‚।
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बोतल को बाहर निकालें
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बोतल उठाà¤à¤‚ और बोतल और निपà¥à¤ªà¤² के पानी को à¤à¤Ÿà¤• कर निकाल दें। यदि बोतल को सà¥à¤Ÿà¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤¿à¤‚ग घोल से निकाला जाता है, तो अतिरिकà¥à¤¤ घोल को निकाल दें और केतली में उबाले हà¥à¤ पानी से धोà¤à¤‚।
बोतलबंद पानी
मिनरल वाटर में नमक का सà¥à¤¤à¤° अधिक होता है। शिशà¥à¤“ं को खिलाने के लिठइसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤
यदि बोतलबंद आसà¥à¤¤ जल का उपयोग किया जाता है, तो इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने से पहले इसे उबाल लें।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के पैकेज पर दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को पढ़ें। पानी और मिलà¥à¤• पाउडर की मातà¥à¤°à¤¾ को सटीक रूप से मापें।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के लिठ70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से कम तापमान के पानी का उपयोग न करें। जब à¤à¥€ आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ की जरूरत हो, फॉरà¥à¤®à¥‚ला की नई बोतल तैयार करें। ये आदत आपके बचà¥à¤šà¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ की बोतल को गरà¥à¤® पानी की सही मातà¥à¤°à¤¾ के साथ à¤à¤°à¥‡à¤‚
कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बोतल में गरà¥à¤® पानी को सही मातà¥à¤°à¤¾ में डालें। पानी 70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से अधिक ठंडा नहीं होना चाहिà¤à¥¤ आमतौर पर, पानी उबालने के बाद 30 मिनट के अंदर 70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ या उससे अधिक तापमान पर रहेगा।
पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला सही मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाà¤à¤‚
पैकेज या पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठगठसà¥à¤•ूप के साथ फॉरà¥à¤®à¥‚ला पाउडर को मापें। फॉरà¥à¤®à¥‚ला पाउडर के साथ सà¥à¤•ूप को à¤à¤°à¥‡à¤‚। फिर चाकू से किनारे को समतल करें।
हर बार फॉरà¥à¤®à¥‚ला पाउडर के à¤à¤• लेवल सà¥à¤•ूप को मापें। पैकेज पर दिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पानी से à¤à¤°à¥€ बोतल में पाउडर फॉरà¥à¤®à¥‚ला सटीक मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाà¤à¤‚।
मà¥à¤–à¥à¤¯ तथà¥à¤¯
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को à¤à¤¸à¥‡ गरà¥à¤® पानी के साथ बनाà¤à¤‚ जिसका तापमान 70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से कम न हो। यह उन हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारता है जो पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला में मौजूद हो सकते हैं।4
4संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के खादà¥à¤¯ और कृषि संगठन के सहयोग से विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन। 2007। पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से तैयार करना, à¤à¤‚डारण और संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾: दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥¤ विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन।
बोतल को धीरे-धीरे हिलाà¤à¤‚
बोतल पर निपà¥à¤ªà¤², ढकà¥à¤•न और अनà¥à¤¯ सहायक यंतà¥à¤° लगाà¤à¤‚। पाउडर को घà¥à¤²à¤¨à¥‡ तक हिलाà¤à¤‚/घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को ठंडा करें
नल के पानी के नीचे बोतल को पकड़कर या बोतल को ठंडे पानी के कंटेनर में डालकर à¤à¥‹à¤œà¤¨ को उचित तापमान तक ठंडा करें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि ठंडा पानी ढकà¥à¤•न के नीचे रहता है और निपà¥à¤ªà¤² को छूता नहीं हो।
तापमान की जांच करें
बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह को जलने से बचाने के लिà¤, खिलाने से पहले फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ के तापमान की अपनी कलाई के अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जांच करें। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने तक ठंडा करते रहें।
मà¥à¤–à¥à¤¯ तथà¥à¤¯
संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के जोखिम को कम करने के लिठतैयार किठगठफॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को 2 घंटे के अंदर खिला दें।
तैयार इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को कैसे रखें?
जब à¤à¥€ आपके बचà¥à¤šà¥‡ को चाहिठहर बार ताजा à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाना और उसका तà¥à¤°à¤‚त सेवन करना सबसे बेहतर है।
यदि आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पहले ही बनाना चाहते हैं, तो तैयार होने के तà¥à¤°à¤‚त बाद à¤à¥‹à¤œà¤¨ को ठंडा करें और फà¥à¤°à¤¿à¤œ में 4 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ या उससे नीचे के तापमान पर रखें।
यदि à¤à¥‹à¤œà¤¨ को 24 घंटे के अंदर उपयोग नहीं किया जाता है, तो फà¥à¤°à¥€à¤œ में रखे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फेंक दें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को दोबारा गरà¥à¤® कैसे करें?
फà¥à¤°à¥€à¤œ में रखे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को 15 मिनट से अधिक गरà¥à¤® न करें। गरà¥à¤® पानी के कंटेनर में बोतल रखकर à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फिर से गरà¥à¤® करें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि पानी का सà¥à¤¤à¤° ढकà¥à¤•न या निपल को न छà¥à¤à¥¤ दूध को समान रूप से गरà¥à¤® करने के लिठबीच-बीच में बोतल को घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ रहें।
यदि आप बोतल वारà¥à¤®à¤° का उपयोग करते हैं तो निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें।
बचे हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को कà¤à¥€ à¤à¥€ दोबारा गरà¥à¤® न करें।
मà¥à¤–à¥à¤¯ तथà¥à¤¯
à¤à¤• फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फिर से गरà¥à¤® करने के 2 घंटे के अंदर सेवन कर लिया जाना चाहिà¤à¥¤ अगर उस समय के अंदर इसका सेवन नहीं किया जाता है तो इसे फेंक दें।
फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखे फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फिर से गरà¥à¤® करने के लिठमाइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ ओवन का उपयोग कà¤à¥€ न करें। माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ, à¤à¥‹à¤œà¤¨ को असमान रूप से गरà¥à¤® करता है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का मà¥à¤‚ह जल सकता है।
पà¥à¤°. मैं घर से बाहर फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ कैसे तैयार करूं?
यदि आपको अपने शिशॠको घर से बाहर खिलाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, तो आप कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ रेडी-टू-फीड लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला चà¥à¤¨ सकते हैं। यदि आप घर से बाहर पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला के साथ à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाना चाहते हैं, तो पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि दूध पिलाने के सà¤à¥€ उपकरण कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ हैं।
चूंकि कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठसमय चाहिठहोता है, इसलिठमाता-पिता को दूध पिलाने की कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बोतल और बरà¥à¤¤à¤¨ को पहले से ही तैयार करने की सलाह दी जाती है। बाहर जाने से पहले, पाउडर इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला को à¤à¤• सूखे बरà¥à¤¤à¤¨ में रखें। उसी समय उबाले गठपानी को à¤à¤• वैकà¥à¤¯à¥‚म फà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤• में डालें और ढकà¥à¤•न को कसकर बंद कर दें। इससे फॉरà¥à¤®à¥‚ला à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के लिठपानी का तापमान 70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ या उससे ऊपर रखने में मदद मिलती है।
पà¥à¤°. कà¥à¤¯à¤¾ बाहर जाने से पहले फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड तैयार करना ठीक है?
आपके शिशॠको हर बार ताजा तैयार किया गया à¤à¥‹à¤œà¤¨ देना सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। जब à¤à¥€ आपके शिशॠको ज़रूरत हो ताजा à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाà¤à¤‚। यदि आपको पहले से तैयार à¤à¥‹à¤œà¤¨ साथ रखना है, तो à¤à¥‹à¤œà¤¨ को बनाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद ठंडा करें और इसे 4 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ या नीचे के तापमान पर फà¥à¤°à¥€à¤œ में रखें। घर छोड़ने से कà¥à¤› समय पहले, तैयार à¤à¥‹à¤œà¤¨ को डिलीवरी वाले आइस पैक के साथ à¤à¤• ठंडे बैग में रखें। याद रखें फà¥à¤°à¤¿à¤œ से निकाला गया फॉरà¥à¤®à¥‚ला दो घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर लिया जाना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤à¥‡ अपने शिशॠको कब खिलाना चाहिà¤?
शिशॠà¤à¥‚ख लगने और पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के संकेत देते हैं चाहे उनको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाया जाठया उनको बोतल से खिलाया जाà¤à¥¤
à¤à¥‚ख लगने पर, आपका शिशॠà¤à¥‹à¤œà¤¨ को खोजने का बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ करेगा।
जब आप à¤à¥‚ख लगने के इन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेतों को देखते हैं तो अपने शिशॠको दूध पिलाà¤à¤‚:
उठता है और हिलता है
होंठों को चाटता है
खà¥à¤²à¥‡ मà¥à¤‚ह से तलाश करने के लिठअपना सिर इधर-उधर घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ है
अपना हाथ या मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी चूसता है
रोना और उपदà¥à¤°à¤µ करना आमतौर पर काफी देर से à¤à¥‚खा रहने के संकेत हैं। उस समय तक शिशॠ"बेहद à¤à¥‚खे" हो चà¥à¤•े होते हैं। हालांकि, शिशॠअनà¥à¤¯ कारणों से à¤à¥€ रो सकता है।
दूध पिलाने का समय आपके और आपके शिशॠके लिठपà¥à¤°à¤—ाढ़ रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ का रिशà¥à¤¤à¤¾ है। दूध पिलाने के दौरान अपने शिशॠको अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से सटाकर रखें। इससे वह शांत, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और गरà¥à¤® महसूस करता है।
जब आप खà¥à¤¦ बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाने में असमरà¥à¤¥ हों, तो उसे छाती से लगाने का समय निकालें और अनà¥à¤¯ दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में उसके साथ रहें। यह आपके शिशॠको आपके साथ संबंध बनाने में à¤à¥€ मदद करता है।
शिशॠको कैसे खिलाà¤à¤‚?
आराम से बैठें। दूध पिलाना वह खास कà¥à¤·à¤£ है जब आप और आपका शिशॠà¤à¤•-दूसरे के साथ संबंध को मजबूत कर सकते हैं। जब आप बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिला रही हों, तो आंखों से संपरà¥à¤• बनाठरखें और उससे धीरे-धीरे बात करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाना
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने से पहले अपने हाथों को धोà¤à¤‚। उसके ऊपर गतिया लगाà¤à¤‚। खà¥à¤¦ को आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाà¤à¤‚ और हाथ को सहारा देने वाली सीट पर बैठें।
अपने शिशॠके सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ को अपनी कोहनी पर टिकाकर उसे अपने करीब लाà¤à¤‚। सिर को थोड़ा ऊपर रखने की इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में शिशॠआमतौर पर सांस लेने और निगलने में सबसे अधिक आरामदायक होते हैं।
अपने शिशॠको दूध पिलाने वाली बोतल को देखने दें। धीरे से उसके होंठों को निपà¥à¤ªà¤² से छà¥à¤à¤‚। वह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करेगा और अपना मà¥à¤‚ह खोलेगा, फिर आप निपà¥à¤ªà¤² को उसके मà¥à¤‚ह के अंदर कर दें।
दूध पिलाने के दौरान निपà¥à¤ªà¤² को दूध से à¤à¤°à¤¾ रखने के लिठबोतल को थोड़ा à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚, ताकि आपका शिशॠबहà¥à¤¤ अधिक हवा न निगल ले।
जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ रà¥à¤• जाता है या चूसना धीमा कर देता है, तो निपल को थोड़ा सा बाहर निकाल दें। यदि बचà¥à¤šà¤¾ तब à¤à¥€ दूध पीना चाहता है, तो वह उसे फिर से मà¥à¤‚ह में खींच लेगा। यदि आपका शिशॠनिपल छोड़ देता है तो उसको डकार दिलाने के लिठठहरें। डकार दिलाने के बाद बोतल को फिर से मà¥à¤‚ह से लगा दें। यदि वह पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के संकेत दिखाता है, तो दूध पिलाना बंद कर दें।
दूध पिलाने के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ पर नजर रखें:
अपने शिशॠके पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के संकेतों को जानें। यह उसे तय करने दें कि हर बार दूध पीने में कितना लेना है। जब आपका शिशॠपेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£ दिखाता है, जैसे कि शिशà¥:
मà¥à¤‚ह बंद कर लेता है
चूसना धीमा कर देता है या चूसना बंद कर देता है
निपà¥à¤ªà¤² को छोड़ देता है
दूध की बोतल को दूर धकेलता है
अपनी पीठको पीछे करता है और सिर को दूर हटाता है
शरीर शांत हो जाता है और वह सो जाता है
शिशॠके सांस लेने और चूसने की कोशिश पर नजर रखें। यदि निपà¥à¤ªà¤² का छेद बहà¥à¤¤ छोटा है तो शिशà¥à¤“ं को चूसने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कोशिश करनी पड़ सकती है। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो तो निपà¥à¤ªà¤² का आकार जांचें। संदेह होने पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
अपने शिशॠको खिलाने के लिठइनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फारà¥à¤®à¥‚ले में कोई à¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ या दवा न मिलाà¤à¤‚।
दूध पीने के दौरान कà¤à¥€ à¤à¥€ बोतल को सहारा देकर न छोड़ें या अपने बचà¥à¤šà¥‡ को अकेला न छोड़ें। इससे उसका गला घà¥à¤Ÿ सकता है और सांस रà¥à¤•ने का खतरा होता है।
खिलाने के दौरान, बोतल को थपथपाà¤à¤‚ नहीं, या निपà¥à¤ªà¤² से उसके मà¥à¤‚ह को गà¥à¤¦à¤—à¥à¤¦à¥€ न करें। इससे वह असहज हो सकता है।
अपने शिशॠको सारा इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला पीने के लिठमजबूर न करें। बचे हà¥à¤ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध को फेंक दें।
अपने शिशॠको बोतल के साथ सोने न दें। इससे दांतों की सड़न हो सकती है और परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प नींद की कमी हो सकती है।
शिशॠको डकार कैसे दिलाà¤à¤‚?
दूध पीने के दौरान निगली गई हवा को बाहर निकालने के लिठखिलाने के बाद अपने शिशॠको डकार दिलाà¤à¤‚।
अपने शिशॠको दूध पिलाने के बाद या जब वह दूध पीने के दौरान थोड़ी देर रà¥à¤•े, तो उसे डकार दिलाà¤à¤‚
आप उसे निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तरीकों से डकार दिला सकते हैं:
अपने शिशॠको अपने कंधे पर सीधा रखें। धीरे से उसकी पीठथपथपाà¤à¤‚ या सहलाà¤à¤‚।
उसे अपनी गोद में बैठाà¤à¤‚। उसके सिर और छाती को सहारा दें। धीरे से उसकी पीठथपथपाà¤à¤‚ या सहलाà¤à¤‚।
अगर पिलाने के बाद शिशॠके मà¥à¤‚ह से दूध गिरता है तो मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
कई नवजात शिशॠदूध पिलाने के बाद, डकार लेने के दौरान, या लेटते समय थोड़ा दूध निकालते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके पाचन तंतà¥à¤° विकसित नहीं होते।
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित को करने से उगलने के मामले कम करने में मदद मिलती है:
आपका शिशॠजब à¤à¥‚ख लगने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत दिखाता है तो उसे दूध पिलाà¤à¤‚, जैसे होठों को चाटना, मà¥à¤‚ह खोलना, या हाथ को मà¥à¤‚ह में डालना। इससे उसे शांत रहने और दूध पीने के दौरान कम हवा निगलने में मदद मिलती है।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि दूध पिलाने के दौरान निपà¥à¤ªà¤² दूध से à¤à¤°à¤¾ रहता है।
अधिक दूध पिलाने से बचें। जब शिशॠपेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के संकेत दिखाता है तो दूध पिलाना बंद कर दें।
दूध पिलाने या डकार दिलाने के बाद, अपने शिशॠको 10 से 20 मिनट के लिठसीधी अवसà¥à¤¥à¤¾ में रखें। आप या तो उसे पकड़ सकते हैं या उसे अपनी गोद में बैठा सकते हैं।
यदि उगलने में सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं होता है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
शिशॠको à¤à¤• दिन में कितने दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है?
शिशॠबढ़त और विकास के लिठअपनी जरूरतों को पूरा करने के लिठदूध पीने की मातà¥à¤°à¤¾ को कम-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कर लेते हैं। उनकी à¤à¥‚ख दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बदलती रहती है। अपने शिशॠको यह तय करने दें कि उसे कब और कितने दूध की ज़रूरत है।
हर शिशॠअलग होता है। कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को अकà¥à¤¸à¤° बार-बार थोड़ा दूध पिलाने की ज़रूरत होती है, जबकि कà¥à¤› को कम बार दूध पिलाना पड़ता है लेकिन हर बार अधिक दूध देना होता है।
जनà¥à¤® के बाद पहले कà¥à¤› दिनों में, शिशॠà¤à¤• समय में केवल थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में ही इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला लेते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका पेट काफी छोटा होता है। जागने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर 2 से 3 घंटे में दूध पिलाया जाना चाहिà¤à¥¤ अगले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, वे हर 3 से 4 घंटे में लगà¤à¤— 60 से 90 मिली दूध पी सकते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अधिक बार à¤à¥€ दूध पिलाया जा सकता है, इसलिठउनके दूध पीने के संकेतों पर नजर रखें।
à¤à¤• से दो महीने के शिशॠआमतौर पर दूध पीने के सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के नियमित तरीके की आदत डाल लेते हैं। दो से छह महीने की उमà¥à¤° से, कà¥à¤› शिशॠरात और दिन की नियमित आदत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध लेते हैं। वे रात में 5 से 6 घंटे सोते हैं और सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध पीते हैं।
दैनिक रूप से आवशà¥à¤¯à¤• इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की मातà¥à¤°à¤¾ हर बचà¥à¤šà¥‡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अलग होती है। यहां सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं के लिठपहले कà¥à¤› महीनों का à¤à¤• संदरà¥à¤ दिया गया है 5:
आपके बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° कà¥à¤¯à¤¾ है फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की दैनिक खपत
1 महीना लगà¤à¤— 550 – 970 मिली
2 से 5 महीने लगà¤à¤— 630 – 1110 मिली
शिशà¥à¤“ं को पता होता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने विकास और शरीर की ज़रूरतों के लिठकितने दूध की ज़रूरत है। कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को कà¥à¤› दिनों के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚ख लग सकती है और अगले दिनों में वे कम दूध ले सकते हैं। यदि वे चंचल हैं और उनका वजन अचà¥à¤›à¥€ तरह से बढ़ रहा है, तो à¤à¥‚ख में बदलाव चिंता का कारण नहीं होना चाहिà¤à¥¤
उस पर बोतल का दूध खतà¥à¤® करने का दबाव न डालें। शिशà¥à¤“ं की à¤à¥‚ख दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बदलती रहती है। उसके संकेतों पर नजर रखें और यह उसे तय करने दें कि उसे कितने दूध की ज़रूरत है।
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